सोमवार, 18 जनवरी 2010

लिनक्स को कहाँ प्रयोग किया जा रहा है?

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लिनक्स को मुख्य रूप से सर्वर्स में प्रयोग के लिए जाना जाता है, यद्यपि इसे विविध प्रकार के कंप्यूटर हार्डवेयर पर इन्स्टॉल किया जा सकता है, जैसे - एंबेडेड डिवाइसस, मोबाइल फोन्स, घड़ियों से लेकर मेनफ्रेम्स तथा सुपर कंप्यूटर्स तक| नेटबुक्स के आने के बाद लिनक्स डिस्ट्रिब्यूशन्स का प्रयोग और ज़्यादा पॉपुलर हो गया है| लिनक्स की पॉप्युलॅरिटी विभिन्न लोकल तथा नॅशनल गवर्न्मेंट्स में भी है| भारत में उत्तर प्रदेश तथा केरल में हाई स्कूल तक कंप्यूटर एजुकेशन में लिनक्स को अनिवार्य कर दिया गया है|

ब्राज़ील की गवर्नमेंट को भी लिनक्स के सपोर्ट के लिए जाना जाता है| रशियन मिलिटरी के अपने लिनक्स डिस्ट्रिब्यूशन क्रियेट करने की बात सामने रही है| चीन ने टेक्नालजी इनडिपेंडेन्स के लिए अपने ड्रॅगन प्रोसेसर Loongson के लिए विशेष रूप से लिनक्स को ही चुना है|

स्पेन ने भी अपना लिनक्स डिस्ट्रिब्यूशन डेवेलप कर लिया है जिसे शिक्षा तथा सरकारी विभागों मे व्रहद रूप से प्रयोग किया जा रहा है| फ्रांस तथा जर्मनी ने भी लिनक्स के अंगीकरण की दिशा में कार्य शुरू कर दिया है|

नव गठित नेटबुक मार्केट में भी लिनक्स डिस्ट्रिब्यूशन्स काफ़ी पॉपुलर हो चुके हैं, जैसे आसुस के पीसी तथा एसर के एस्पायर वन को कस्टमाइज़ड लिनक्स डिस्ट्रिब्यूशन के साथ अपवाहित (ship) किया जा रहा है|

एक रिपोर्ट के अनुसार दस सबसे ज़्यादा विश्वसनीय इंटरनेट होस्टिंग कंपनीज़ में से आठ कंपनियाँ अपने वेब सर्वर्स पर लिनक्स डिस्ट्रिब्यूशन्स का ही प्रयोग कर रही हैं|

लिनक्स डिस्ट्रिब्यूशन्स लेम्प (LAMP- Linux, Apache, MySQL, Perl/PHP) सर्वर सॉफ्टवेर कॉंबिनेशन का आधार हैं| लेम्प सर्वर सॉफ्टवेर कॉंबिनेशन, डेवेलपर्स के बीच काफ़ी पॉपुलर है और यह वेबसाइट होस्टिंग का ज़्यादा कामन प्लॅटफॉर्म है|

पिछले दशक में दूसरे मेनफ्रेम ऑपरेटिंग सिस्टम्स की अपेक्षा, क़ीमतों के कारण, लिनक्स डिस्ट्रिब्यूशन्स ही मेनफ्रेम्स पर ज़्यादा पॉपुलर रहे| अभी २००९ दिसंबर में कंप्यूटर ज़ायंट आई बी एम ने रिपोर्ट किया कि यह मेनफ्रेम आधारित एंटरप्राइज़ लिनक्स सर्वर को मुख्य रूप से मार्केट करेगी और बेचेगी| लिनक्स को ही दुनिया के सबसे पावरफुल सुपर कंप्यूटर, आई बी एम Sequoia के लिए चुना गया है जो २०११ में कार्य करना शुरू कर देगा|





शुक्रवार, 15 जनवरी 2010

हम क्यों सीखें लिनक्स?

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लिनक्स जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम को सीखने के कई कारण हो सकते हैं| ये निम्न हैं:

. यदि आपके अंदर इंटरनेट तथा सर्वर अप्लिकेशन्स सीखने की इच्छा है| क्योंकि ज़्यादातर सर्वर्स लिनक्स एस पर आधारित होते हैं|

. यदि आप स्टूडेंट हैं| क्योंकि कई इंजिनियरिंग फीलड्स के कई डिज़ाइन सॉफ़्टवेयर्स केवल लिनक्स में ही उपलब्ध हैं और विंडोज में नहीं|

. लिनक्स फ्री है|

. लिनक्स आपके पुराने सिस्टम हार्डवेयर पर भी चलेगा| लिनक्स एस के लिए आपको कभी भी अपना सिस्टम हार्डवेयर अपग्रेड नहीं करना पड़ेगा| इसका उदाहरण नेटबुक्स हैं जिसमें पावरफुल अपलिकेशन्स चलाने की छ्मता कम होती है| लेकिन लिनक्स इतना स्केलर है कि यह स्लो प्रोसेसर्स तथा कम अमाउन्ट की रेम पर भी आसानी से चलता है, जो कि नेटबुक्स में स्टॅंडर्ड है|

. लिनक्स प्रॅक्टिकली वायरस फ्री है| आपको कभी भी एन्टी-वायरस सॉफ़्टवेयर इस पर इनस्टॉल नहीं करना पड़ेगा| लिनक्स में वायरस के लिए बिल्ट इन सेक्यूरिटी है|

. इस पर आपको हज़ारों दूसरे फ्री सॉफ़्टवेयर्स भी आसानी से उपलब्ध हैं| इसका मतलब है कि क्रिटिकल डाउनलोड के लिए तो वेब की ओर देखना होगा और ही कुछ खरीदना होगा| यह अपने आप में संपूर्ण है| वेब ब्राउज़र, वर्ड प्रोसेसर, चैट इंजन, क्लायंट, विजेट्स, और बहुत कुछ केवल एक क्लिक की दूरी पर उपलब्ध हैं|

. लिनक्स दूसरे ऑपरेटिंग सिस्टम्स के साथ मैत्री पूर्ण व्यवहार रखता है| ज़्यादातर लिनक्स डिस्ट्रिब्यूशन्स, इनस्टॉल होते समय दूसरे इनस्टॉल्ड ऑपरेटिंग सिस्टम्स को सर्च कर लेते हैं और ढूँढ लेने पर आपको इनके साइड में इनस्टॉल करने का आप्शन देते हैं| जिससे कि बूट होते समय आपको यह च्वाइस रहे कि किस ऑपरेटिंग सिस्टम से आपको बूट करना है|

. वायरस इम्यून होने के साथ ही यह सेक्योर भी है| अर्थात् हैकर्स आपकी सिस्टम इन्फर्मेशन चुरा नहीं सकते| ऐसा इसलिए क्योंकि ओनर की सहमति के बिना कोई भी व्यक्ति लिनक्स सिस्टम में एंटर कर ही नहीं सकता है| इसके अलावा लिनक्स में बिल्ट इन फ़ायरवाल (आई पी टेबल्स) भी है, इसका अर्थ है कि आपको फ़ायरवाल के लिए थर्ड पार्टी सॉफ्टवेर की ज़रूरत नहीं है|

. लिनक्स में डिफिकल्टी लेवेल बहुत स्केलर है| क्योंकि लिनक्स को वे लोग भी प्रयोग करते हैं जो बहुत टेक-सैवी नहीं हैं और वे लोग भी प्रयोग करते हैं जो कंप्यूटर एक्सपर्ट्स हैं| इसमें सभी वांछित कार्य ग्राफिकल इंटरफेस द्वारा भी किए जा सकतें हैं और कमांड लाइन द्वारा भी| यदि आप स्क्रिपटिंग भी जानते हैं तो टर्मिनल को किसी भी कार्य के लिए प्रोग्राम कर सकते हैं|

१०. हमें लगता नहीं है लेकिन लिनक्स यूज़र फ्रेंड्ली है| ऐसा इसलिए क्योंकि इसे उन लोगों द्वारा डेवेलप किया गया है जो इसे प्रयोग करते हैं| एक बार इसमें यूज़्ड टू हो जाएँ तो यह दूसरे एस से ज़्यादा आसान है|

ये कुछ कारण हैं जिनकी वजह से आपको लिनक्स सीखना चाहिए, इसलिए एक बार प्रयोग तो करें|

यूबन्टु लिनक्स का इन्स्टलेशन सीखें:



सोमवार, 11 जनवरी 2010

परिचय

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लिनक्स क्या है:

लिनक्स एक जातिगत (जेनेरिक) शब्द है जो यूनिक्स की तरह के कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम को सन्दर्भित करता है और यह लिनक्स कर्नेल पर आधारित होता है|

यह फ्री और ओपन सोर्स सॉफ़्टवेयर है| ओपन सोर्स सॉफ़्टवेयर का मतलब है कि इसका प्रोग्राम कोड, यदि हम चाहें, तो हमे उपलब्ध हो सकता है|

फ्री का मतलब है कि इसे उपयोग करने की कीमत हमें नही देनी है और साथ ही इसके सोर्स कोड को भी हम प्रयोग कर सकते हैं, उसमे कुछ फेर बदल कर सकते हैं और फिर उसे दोबारा डिसट्रिब्यूट भी कर सकते हैं|


लिनक्स
या लाइनक्स:

ज़्यादातर लोग इसे लाइनक्स बोलते हैं| कुछ लोग इसे लिनुक्स भी बोलते हैं|लेकिन इसका उचित
उच्चारण लिनक्स ही है|


क्या कहते हैं स्वयं लिनस टोर्वाल्ड्स: क्लिप देखिए

(Right click on the link below and open in new tab)




यह लिनस टोर्वाल्ड्स ही हैं जिन्होने लिनक्स कर्नेल को मूलतः १९९१ में लिखा था| और इन्ही के नाम पर ही इस ऑपरेटिंग सिस्टम का नाम लिनक्स पड़ा|