रविवार, 24 जनवरी 2010

ext4 फ़ाइल सिस्टम

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ext Filesystem परिवार, लिनक्स पर सबसे व्यापक रूप से प्रयोग हो रहा है, और ext4 इस परिवार का मौजूदा अवतार है| ext4 फ़ाइल सिस्टम Linux 2.6.28 रिलीज के साथ शुरू हुए कर्नेल का हिस्सा था| इसमें बड़ा फ़ाइलसिस्टम , बड़ा फ़ाइल आकार , delayed allocation algorithms, fast fsck की विशेषता है, और यह अपने पूर्ववर्ती, ext3 से backward compatibile है |

Features of ext4:

बड़ा फ़ाइल सिस्टम बड़ा फ़ाइल आकार:

इसमें ४८ बिट ब्लाक एड्रेसिंग है इसलिए मैक्सिमम फाइल सिस्टम साइज़ १ इ बी तथा मैक्सिमम फाइल साइज़१६ टी बी होगा | etx3 में १६ टी बी और २ टी बी साइज़ था|

(1 EB = 1024 PB, 1 PB = 1024 TB, 1 TB = 1024 GB).
EB = Exa Bytes
PB = Peta Bytes
TB = Tera Bytes
GB = Giga Bytes

अनलिमिटेड सब डायरेकट्रीज:

ext4 में अनलिमिटेड सब डायरेकट्रीज का सपोर्ट है जबकि ext3 में सिंगल डायरेकट्री में ३२००० सब डायरेकट्रीज
हो सकती थीं |

फास्ट fsck:

ext4 ऐसा डाटा स्ट्रक्चर जोड़ता है जो fsck को अप्रयुक्त डिस्क पार्ट्स को इसके चेक में छोड़ने में सहायता करता है|
इस प्रकार फाइल सिस्टम चेक फास्ट हो जाते हैं|

extents:

यह मूलतः फिजिकल ब्लाक्स के बड़े समूह होते हैं| यदि आपकी फाइल २०० एम बी की है तो उसमे ४ केबी ब्लाक साइज़ के ५१२०० ब्लाक्स बनेंगे| इसलिए डिस्क पर कुल मैपिंग्स ५१२०० होंगी| जबकि extents केवल२ extents में ही पूरे डाटा को मैप कर सकते हैं |

ext4 को कैसे प्रयोग करें:

यदि आप लेटेस्ट युबंटू या फेडोरा रिलीज़ का प्रयोग नहीं कर रहें हैं तो अपने लिनक्स डिसट्रीब्युशन पर ext4 फाइल सिस्टम प्रयोग करने के कई तरीके अपनाये जा सकते हैं| ये निम्न हैं:

. शुरू से नया ext4 फाइल सिस्टम:

यह सबसे आसान तरीका है| इसके लिए mkfs.ext4 कमांड के द्वारा ext4 पार्टीशन बनायें| यदि आपको
command not found की एरर मिलती है तो इसका अर्थ है की आपको e2fsprogs को अपडेट करना है जिसे आप http://e2fsprogs.sourceforge.net अपडेट कर सकते हैं| इस प्रकार यदि आपकी डिस्क में फ्री स्पेस है तो ext4 partition बनायें और प्रेजेंट ऑपरेटिंग सिस्टम को बिना छेड़े, उसे प्रयोग करना शुरू कर दें|


. मौजूदा ext3 फाइल सिस्टम माईग्रेट करें:

ext3 file system पर ext4 के फीचर्स आन करने के लिए tune2fs यूटिलिटी का प्रयोग किया जा सकता है| उदहारण के लिए:

# tune2fs - O extents.uninit_bg.dir_index /dev/foo

आपको file सिस्टम प्रयोग करने से पहले fsck चलाना पड़ेगा| चूँकि इसमें डाटा स्ट्रक्चर नया बनेगा इसलिएडाटाका बैकअप पहले ही लेना उचित रहेगा |

. मौजूदा ext3 फाइल सिस्टम को माउन्ट करें:

यदि आपका कर्नेल ext4 को सपोर्ट करता है तो आप अपने ext3 फाइल सिस्टम को ext4 की तरह माउन्टकरसकते हैं| इसके लिए हम सामान्य mount कमांड का प्रयोग करेंगे|


गुरुवार, 21 जनवरी 2010

भारत में लिनक्स का प्रयोग कितना और कहाँ है:

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भारत लिनक्स के वैश्विक आक्रमण की मुख्य रणभूमि बनने की ओर अग्रसर है| करीब दो वर्ष पहले नई दिल्ली ने कहा था कि भारत में कंप्यूटर साक्षरता को सुधारने के लिए स्कूलों में ओपन सोर्स सॉफ़्टवेयर अपनाने की आवश्यकता है| अभी तक २८ प्रदेशों मे से १८ प्रदेश या तो लिनक्स का प्रयोग कर रहे हैं और या फिर विभिन्न सरकारी विभागों और स्कूलों में इसे प्रयोग किए जाने की प्रायोगिक परियोजनाएँ शुरू हो चुकीं हैं|

ज़्यादातर प्रदेशों के शिक्षा मंत्रालय, दिल्ली में संघीय रक्षा मंत्रालय, परिवहन और स्वास्थ्य मंत्रालय आदि सभी लिनक्स को सर्वर कंप्यूटर पर प्रयोग कर रहे हैं| आठ प्रदेशो की सरकारों ने अपने राज्य कोष के सभी ऑपरेशन्स लिनक्स पर डाल रखे हैं| जबकि पश्चिमी प्रदेश महाराष्ट्र, इसका प्रयोग हेल्थ-केयर प्रणाली को सुधारने के लिए कर रहा है|

इसलिए अब यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि भारत में लिनक्स कभी भी डेस्कटॉप कंप्यूटर्स से विंडोज़ को हटा सकता है| अभी तक ज़्यादातर कार्य इसके सर्वर सॉफ़्टवेयर पर हुआ है| डेस्कटॉप एस मार्केट में केवल प्रतिशत भारतीय पी सी ही लिनक्स का प्रयोग कर रहे हैं| लेकिन यह मौजूदा मार्केट भी यू एस की तीन गुना है|

इस दशक के अंत तक भारत दुनिया का पहला देश हो जाएगा जहाँ लिनक्स को कई सेक्टर्स में व्रहद यूज़र बेस मे प्रयोग किया जा रहा होगा| रिसर्चर आई डी सी के अनुसार २०१० में लिनक्स मार्केट २१ प्रतिशत की दर से बढ़ेगी और करीब २० मिलियन डॉलर तक पहुँच जाएगी| फिर भी माइक्रोसॉफ्ट के मार्केट की तुलना में यह अमाउंट बहुत ही मामूली है क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट के सॉफ़्टवेयर्स की भारत में बिक्री करीब २०० मिलियन डालर है| इसी बात से यह भी पता चलता है कि भारतीय मार्केट में लिनक्स की growth की संभावनाएँ अपार हैं|

सरकारी सोच में परिवर्तन ने भी लिनक्स बाज़ार में ज़्यादा बिज़नेस प्रेरित किया है| इसका एक उदाहरण लाइफ इंडिया कॉर्पोरेशन है जिसने अपने सर्वर्स को लिनक्स पर स्विच कर के फ्री सॉफ़्टवेयर्स के प्रयोग से क़रीब मिलियन डालर की बचत की| आज LIC के क़रीब एक लाख कंप्यूटर्स लिनक्स पर कार्य कर रहे हैं और आने वाले दिनों मे इस संख्या मे और बढ़ोत्तरी की उम्मीद है|

सर्विस की समस्या: लिनक्स के फैलाव में सर्विस सपोर्ट एक गंभीर समस्या है| चूँकि लिनक्स को फ्री डिसट्रिब्यूट किया जाता है इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो पता है की सर्विस के लिए किसे बुलाया जाय| आज केवल रेड हैट और आई बी एम ही फ्री सपोर्ट दे रही हैं लेकिन इन्हे भारत में ट्रेंड लिनक्स इंजिनीयर्स नहीं मिल पा रहे हैं|